Visv yog nimite prasixako dvara taiyar karayel 35 minit sudhi karavani pravuti

”सामन्जस्य एवं शान्ति के लिए”

21 जून को पहले विश्व योग दिवस के अवसर पर 35 मिनट के पैकेज में पूरा विश्व योग करने वाला है । 


इस पैकेज को देश और विदेश में प्रशिक्षकों तक पहुंचा दिया गया है । विश्व योग दिवस के अवसर पर देश ही नहीं विदेश में भी 8 साल की उम्र से लेकर 80 साल तक की उम्र तक के लोग इस दिन योग करेंगे ।
गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी के आह्वान पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को ”अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” घोषित किया था । यह पहला मौका है जब पूरा विश्व इस दिन योग दिवस मनाएगा । इसी दिन को यादगार बनाने और पूरे विश्व को योग के प्रति जागरूक करने के लिए यह 35 मिनट का विशेष पैकेज तैयार किया है 

ये है 35 मिनट का योग पैकेज

* सर्वप्रथम

- पैकेज की शुरूआत प्रार्थना अर्थात् तीन बार ॐ ध्वनि से होगी जो लगभग डेढ़ से दो मिनट की होगी ।

ततपश्चात्

- यजुर्वेद के निम्न श्लोक का उच्चारण किया जाएगा जो आधा मिनट का होगा ।

ॐ संगच्छध्वं, संवदध्वं, सं वो मनांसि जानताम् ।
देवा भागं यथा पूर्वे, संजानाना उपासते ।।

शब्दार्थ -

हे मनुष्यो ! 

संगच्छध्वम् = मिलकर चलो,

संवदध्वम् = मिलकर बोलो, 

और

व: = तुम्हारे 

मनांसि = मन 

संजानताम् = मिलकर ज्ञान प्राप्त करें, 

अर्थात्

समान ज्ञान वाले हों ; 

यथा = जैसे कि 

पूर्वे देवा: = पहले के देव लोग

संजानाना: = मिलकर जानते हुए,

अर्थात्

एक ज्ञान होते हुए 

भागम् = भजनीय वस्तु की, 

अर्थात्

अपने भाग की

उपासते = उपासना करते, 

अर्थात्

उपलब्धि करते रहे हैं ।


* प्रथम -

शिथिलीकरणीय अभ्यास

- गर्दन मोड़ना, 
- कटिचालन विधि,
- घुटनों की गतिविधि

कुल समय 4 मिनट

* द्वितीय-

योगासन

१. खड़े होकर किए जाने वाले आसन-

- ताड़ासन, 
- वृक्षासन,
- पाद-हस्तासन, 
- अर्धचक्रासन, 
- त्रिकोणासन

कुल समय 5 मिनट

२. बैठकर किए जाने वाले आसन-

- भद्रासन, 
- अर्ध उष्ट्रासन, 
- शशांकासन्, 
- वक्रासन

कुल समय 3 मिनट

३. पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसन-

- भुजंगासन,
- शलभासन,
- मकरासन

कुल समय 4 मिनट

४. पीठ के बल लेटकर किए जाने वाले आसन-

-सेतुबंधासन, 

- पवनमुक्तासन

कुल समय 3 मिनट

* तृतीय -

प्राणायाम

- कपालभाति प्राणायाम
समय 2 मिनट

- अनुलोम-विलोम प्राणायाम
समय 4 मिनट

- भ्रामरी प्रणायाम
समय 2 मिनट

- ध्यानयोग क्रिया
समय 5 मिनट

- संकल्प वाचन

- शांतिपाठ

ॐ सर्वे भवन्तु सुखिन: ,
सर्वे सन्तु निरामया: |
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु ,
मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत् ।
ॐ शान्ति: शान्ति: शान्ति: ||

हे ईश-
सब सुखी हों , सब निरोग हों ,
सब निरामय हों , सबका मंगल हो ,
कोई दु:खी न हो ।

समय 1 मिनट